प्यारी प्यारी मम्मी जब भी
अपनी धुन में आती थी
गोदी में ले कर के हमको
ट्विंकल ट्विंकल गाती थी
गोल गोल रसगुल्ले जैसे गालों को सहलाती थी
पकड़ हमारी नक्को रानी हँसती और हँसाती थी
पापा घर में कम रहते थे ऑफिस
भी तो जाते थे
चोर नज़र से हमें देख कर मंद मंद मुस्काते थे
खूब मज़े करवाने हमको पिकनिक पर ले जाते थे
दोस्त समझ कर दुनियादारी की बातें समझाते थे
मातु-पिता का साथ रहे तो सक्सिस मिलनी नक्की है
इन के बिना निरर्थक जीवन, मीनिंग लेस तरक्की है
दुनिया वाले कुछ भी बोलें बात मगर ये पक्की है
मातु पिता का प्यार जगत में जिसे मिला वो लक्की है
शब्दों की मुहताज नहीं हैं
मम्मी पापा की बातें
ऊपर वाले की किरपा से हमें मिलीं ये सौगातें
अहसानों को अगर गिनेंगे, बोझ तले दब जायेंगे
सौ-जीवन सेवा कर के भी उरिन नहीं हो पायेंगे
सब का कहना है कि गृहस्थी सब
से उत्तम गहना है
उसकी आभा फैली जग में जिसने इसको पहना है
वही याद कर हाथ जोड़ कर बस इतना सा कहना है
हमें उम्र भर मम्मी पापा के सँग में ही रहना है
गोल गोल रसगुल्ले जैसे गालों को सहलाती थी
पकड़ हमारी नक्को रानी हँसती और हँसाती थी
चोर नज़र से हमें देख कर मंद मंद मुस्काते थे
खूब मज़े करवाने हमको पिकनिक पर ले जाते थे
दोस्त समझ कर दुनियादारी की बातें समझाते थे
इन के बिना निरर्थक जीवन, मीनिंग लेस तरक्की है
दुनिया वाले कुछ भी बोलें बात मगर ये पक्की है
मातु पिता का प्यार जगत में जिसे मिला वो लक्की है
ऊपर वाले की किरपा से हमें मिलीं ये सौगातें
अहसानों को अगर गिनेंगे, बोझ तले दब जायेंगे
सौ-जीवन सेवा कर के भी उरिन नहीं हो पायेंगे
उसकी आभा फैली जग में जिसने इसको पहना है
वही याद कर हाथ जोड़ कर बस इतना सा कहना है
हमें उम्र भर मम्मी पापा के सँग में ही रहना है
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