गीत - दिल में यही तमन्ना है सारी दुनिया की सैर करूँ

 देश-गाँव-शहरों-कस्बों से अनुभव का हर पृष्ठ भरूँ ।
दिल में यही तमन्ना है सारी दुनिया की सैर करूँ ॥
 
सात अरब वाली दुनिया की भाषा-बोली सात हजार ।
ढाई लाख तरह के पौधे सुरभित करते रहें बयार ।
सब से मिलना है बस अपने घर से बाहर पाँव धरूँ ।
दिल में यही तमन्ना है सारी दुनिया की सैर करूँ ॥
 
विद्या विनिमय हुआ और इंसानों में भी प्यार बढ़ा ।
इसी पर्यटन के बलबूते देशों में व्यापार बढ़ा ।
मेरे पास आत्म-बल मेरा, खतरों से किसलिए डरूँ ।
दिल में यही तमन्ना है सारी दुनिया की सैर करूँ ॥
 
कुछ ले कर जाना है तो संस्कारों को ले जाऊँगा ।
कुछ ले कर आना है तो संस्कारों को ले आऊँगा ।
देश देश की घुमक्कड़ी से अंतर्मन की पीर हरूँ ।
दिल में यही तमन्ना है सारी दुनिया की सैर करूँ ॥

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