यों तो ऊँट
एक बुद्धिमान योजनाकार है
जो रेगिस्तान की गरमी से बचने के लिये
अपने पेट की पोटली में पानी भर के रखता है
और जब उसे प्यास लगती है
तो किसी को पता भी नहीं चलता कि वह प्यासा है
और वह चुपचाप पानी पी लेता है
मगर जब उसे कहीं पानी नहीं
दिखता
और
उसके पेट की पोटली का पानी भी खत्म हो जाता है
तो
वही ऊँट किसी को बता भी नहीं पाता कि वह प्यासा है
और बस युँही मर जाता है
बस इसी कारण से ऊँट एक
बेहतरीन योजनाकार नहीं कहलाता
जो रेगिस्तान की गरमी से बचने के लिये
अपने पेट की पोटली में पानी भर के रखता है
और जब उसे प्यास लगती है
तो किसी को पता भी नहीं चलता कि वह प्यासा है
और वह चुपचाप पानी पी लेता है
और
उसके पेट की पोटली का पानी भी खत्म हो जाता है
तो
वही ऊँट किसी को बता भी नहीं पाता कि वह प्यासा है
और बस युँही मर जाता है
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