Showing posts with label कौमी एकता. Show all posts
Showing posts with label कौमी एकता. Show all posts

गीत - फिर हम क्यों लड़ते रहते हैं? जब किंचित भी क्लेश नहीं

 मुझको तुझसे रंज नहीं है, तुझको मुझसे द्वेष नहीं ।
फिर हम क्यों लड़ते रहते हैं? जब किंचित भी क्लेश नहीं ॥