गीत-नवगीत, सॉनेट, कविताएं, छन्द एवं मुक्तक आदि
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बचपन
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छन्द - बचपन की सुहानी यादें
दादी और दादा संग मौजड़ियाँ लूट कर
,
नानी और नाना संग गप्पें भी लड़ाते थे।
पास के ही नहीं दूर दूर के भी रिश्तेदार
,
हर तहवार पर बोहनी कराते थे।
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