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कविता - प्रेम शांति का द्वार बने

 कुछ अपनी कुछ औरों की । बातें कलियों-भँवरों की ।
तन आकुल औ’ व्याकुल मन । राम कहानी सा जीवन ॥
 
इश्क मुहब्बत की बातें । कम पड़तीं जिन को रातें ।
दिल का मर्ज अनोखा है । फिर भी लगता चोखा है ॥